कश्यप संहिता

User Rating: 0 / 5

Star InactiveStar InactiveStar InactiveStar InactiveStar Inactive
 

काश्यपसंहिता कौमारभृत्य का आर्ष व आद्य ग्रन्थ है। महर्षि काश्यप ने कौमारभृत्य को आयुर्वेद के आठ अंगों में प्रथम स्थान दिया है। काश्यपसंहिता की विषयवस्तु को देखने से मालूम होता है कि इसकी योजना चरकसंहिता के समान ही है। यह नौ 'स्थानों' में वर्णित है-

सूत्रस्थान, निदानस्थान, विमानखिलस्थान, शरीरखिलस्थान, इन्द्रियखिलस्थान, चिकित्साखिलस्थान, सिद्धिखिलस्थान, कल्पखिलस्थान एवं खिलस्थान।

इनमें बालकों की उत्पत्ति, रोग-निदान, चिकित्सा, ग्रह आदि का प्रतिशेध, तथा शारीर, इन्द्रिय व विमानस्थान में कौमारभृत्य विषयक सामग्री प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होती है। सभी स्थानों में बीच-बीच में कुमारों के विषय में जो प्रश्नोत्तर प्रस्तुत किये गये हैं इससे संहिता की विशिष्टता झलकती है।

काश्यपसंहिता में कुमारभृत्य के सम्बन्ध में नवीन तथ्यों को बताया गया है, जैसे दन्तोत्पत्ति, शिशुओं में मृदुस्वेद का उल्लेख, आयुष्मान बालक के लक्षण, वेदनाध्याय में वाणी के द्वारा अपनी वेदना न प्रकट कने वाले बालकों के लिए विभिन्न चेष्ताओं के द्वारा वेदना का परिज्ञान, बालकों के फक्क रोग में तीन पहियों वाले रथ का वर्णन, लशुन कल्प के विभिन्न प्रयोगों का वर्णन, तथा रेवतीकल्पाध्याय में जातहारिणियों का विशिष्ट वर्णन।

 
Loading...
Loading...

वार्ताः


भानु सप्तमी व कर्क संक्रान्ति 16 जुलाई 2017 को...

भानु सप्तमी व कर्क संक्रान्ति
16 जुलाई 2017 को

अकाल मृत्यु पर  [ ... ]

अधिकम् पठतु
भागवत में लिखी ये 10 भयंकर बातें कलयुग में हो रही ...

पंडित अंकित पांडेय - देववाणी समूह
*भागवत📜 में लिखी ये 10 भयं [ ... ]

अधिकम् पठतु
नाग पंचमी विशेष-27 जुलाई नाग पंचमी 28 जुलाई जनेऊ उ...

27 जुलाई नाग पंचमी 28 जुलाई जनेऊ उपाकर्म। जानिए नाग पंचमी ब् [ ... ]

अधिकम् पठतु
about

हमारे समूह में आप भी जुडकर देववाणी व देश का समुचित विकास व  [ ... ]

अधिकम् पठतु
परिमिलनम्


आप मुझे फेसबुक गूगल ग्रुप या ई-मेलThis email address is being protected from spambots. You need J [ ... ]

अधिकम् पठतु
उपनिषद्ब्राह्मणम्...

उपनिषद्ब्राह्मणं दशसु प्रपाठकेषु विभक्तमस्ति । अस्मिन [ ... ]

अधिकम् पठतु
गोपथब्राह्मणम्

गोपथब्राह्मणम् अथर्ववेदस्य एकमात्रं ब्राह्मणमस्ति। गो [ ... ]

अधिकम् पठतु
वंशब्राह्मणम्

वंशब्राह्मणं स्वरूपेणेदं ब्राह्मणं लघ्वाकारकमस्ति । ग [ ... ]

अधिकम् पठतु
संहितोपनिषद्ब्राह्मणम्...

संहितोपनिषद्ब्राह्मणं सामगायनस्य विवरणप्रदाने स्वकीय [ ... ]

अधिकम् पठतु
आर्षेयब्राह्मणम्

आर्षेयब्राह्मणं सामवेदस्य चतुर्थं ब्राह्मणम् अस्ति । स [ ... ]

अधिकम् पठतु
तैत्तिरीयब्राह्मणम्...

तैत्तिरीयब्राह्मणं कृष्णयजुर्वेदीयशाखाया एकमात्रमुप [ ... ]

अधिकम् पठतु
ताण्ड्यपञ्चविंशब्राह्मणम्...

ताण्डयब्राह्मणम् उत ताण्ड्यपञ्चविंशब्राह्मणं सामवेदस [ ... ]

अधिकम् पठतु
शिव भक्तों के लिए सावन विशेष...

Ffffशिव भक्तों के लिए सावन पर विशेष
🍁🍃🍂🌿🌾🌴🌾🌿🍂🍃🍁
5 सोमवार  [ ... ]

अधिकम् पठतु
धौम्यका युधिष्ठिरको मेरू पर्वत तथा उसके शिखरोंपर स...

Yuu*धौम्यका युधिष्ठिरको मेरू पर्वत तथा उसके शिखरोंपर स्थि [ ... ]

अधिकम् पठतु
तद्धित प्रत्यय

Fff!!!---: तद्धित-प्रत्यय :---!!!
=========================
www.vaidiksanskritk.com
www.shishusanskritam.com

मित्रो [ ... ]

अधिकम् पठतु
अन्य लेख
लिप्याधिकार © देववाणी (Devwani). सर्वाधिकार सुरक्षित